जालंधर (ब्यूरो): सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों मिली हार के बाद भारत टी-20 वर्ल्ड कप 2022 से बाहर हो गया। 169 रन के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने बिना विकेट खोए 170 रन बना लिए। टीम इंडिया एक बार फिर बड़े टूर्नामेंट में चोक कर गई। उन्हें बिना ट्रॉफी जीते ही लौटना पड़ा।
ICC के इस बड़े टूर्नामेंट में हार के क्या कारण रहे? 2021 टी-20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में पाकिस्तान से 10 विकेट की हार से लेकर इस वर्ल्ड कप में इंग्लैंड से भी 10 विकेट की हार तक, टीम इंडिया ने कितने एक्सपेरिमेंट किए और बड़े टूर्नामेंट में पिछली ट्रॉफी जीतने के बाद किन-किन टूर्नामेंट ने टीम इंडिया ने अब तक चोक किया।
रोहित भी एक्सपेरिमेंट के फेवर में:-कप्तान रोहित शर्मा का कहना था कि वे वर्ल्ड कप से पहले अपनी बेस्ट टीम खोज रहे हैं। इसलिए उन्होंने कई सारे प्लेयर्स को ट्राई किया। हालांकि, टीम इंडिया आखिर तक एक्सपेरिमेंट ही करते रह गई। टूर्नामेंट निकल गया और हम एक तरह से बिना लड़े हारकर घर वापसी कर रहे हैं।
इतने एक्सपेरिमेंट क्यों?
टीम मैनेजमेंट ने कप्तानों और खिलाड़ियों के ये एक्सपेरिमेंट वर्क लोड को देखते हुए किए। मैनेजमेंट का मानना था कि टीम बहुत ज्यादा मैच खेलती है। ऐसे में किसी एक खिलाड़ी पर ज्यादा दबाव न आए, इसलिए ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को मौके दिए गए।
इस मैनेजमेंट के बावजूद वर्ल्ड कप से ठीक पहले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑल राउंडर रवींद्र जडेजा चोट के चलते टूर्नामेंट नहीं खेल सके। वहीं, डेथ और मिडिल ओवर्स में विकेट लेने के स्पेशलिस्ट माने जाने वाले हर्षल पटेल को टीम ने टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खिलाया। फिर पता नहीं क्यों टीम ने इतने एक्सपेरिमेंट कर लिए?
वर्ल्ड कप के लिए खराब स्क्वॉड का सिलेक्शन
वर्ल्ड कप से पहले के 35 मैचों में भारत ने ईशान किशन, संजू सैमसन, दिनेश कार्तिक, ऋषभ पंत और लोकेश राहुल से विकेट कीपिंग कराई। आखिर में टीम ने कार्तिक की फिनिशिंग स्किल्स पर भरोसा जताया। स्क्वाड में पंत को बैकअप कीपर के रूप में रखा गया। राहुल से केवल ओपनिंग कराई गई।
कार्तिक ने शुरू के 4 मैच खेले और 14 रन बनाए। पंत ने आखिर के 2 मैच खेले। वह भी इनमें 9 रन ही बना सके। भारत आखिर तक तय नहीं कर पाया कि कीपर के रूप में पंत को खिलाए या कार्तिक को।















