मान्यवर मुख्यमंत्री पद से हटाए गए कैप्टन अमरिंदर सिंह अब ‘पंजाब लोक दल’ नाम की पार्टी बनाकर बीजेपी के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। कैप्टन का कहना है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि पंजाब में बीजेपी गठबंधन की सरकार बनेगी, लेकिन किसान आंदोलन के बाद कैप्टन के लिए पंजाब में बीजेपी के साथ चुनाव लड़ना आसान नहीं होगा।
चुनाव की पहली रैली करने के बाद दैनिक भास्कर ने कैप्टन अमरिंदर का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किया। हमने कैप्टन अमरिंदर से उन्हें कांग्रेस से हटाए जाने की बैकस्टोरी, सिद्धू की भूमिका, अमित शाह से मुलाकात, गठबंधन और पंजाब चुनाव को लेकर तमाम सवाल किए।
सवाल- आप कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमलावर हैं, लेकिन अकाली दल के बारे में ज्यादा बोलने से बच रहे हैं, क्यों?
जवाब- अकाली दल के बारे में बोलने की कोई जरूरत ही नहीं है, वे ऐसे ही हार रहे हैं। अकाली दल के बारे में दो बातें हैं- वे पंजाब में बेअदबी और नशे के मुद्दे को पकड़कर बैठ गए हैं और धार्मिक मुद्दे पर सियासत कर रहे हैं। किसी पर हमला तब किया जाए जब किसी से कोई टकराव हो।
सवाल- आपकी पार्टी और BJP मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं? गठबंधन के लिए पहले हाथ किसने बढ़ाया?
जवाब- मैं दिल्ली में अमित शाह से मिला था। तब मैं कांग्रेस छोड़ चुका था। मेरी नई पार्टी नहीं बनी थी। तब मैंने अमित शाह को कहा था कि हम नई पार्टी बनाकर आपके साथ गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके बाद वे पंजाब में हमसे गठबंधन के लिए तैयार हो गए।
सवाल- आम आदमी पार्टी पंजाब में दिल्ली मॉडल लाने की बात कर रहे हैं, सिद्धू अपना पंजाब मॉडल पेश कर रहे हैं, पंजाब के लिए आपका क्या मॉडल है?
जवाब- ना ही नवजोत सिंह सिद्धू के पास कोई मॉडल है और ना ही केजरीवाल का कोई दिल्ली मॉडल है। पंजाब में केजरीवाल जोर-जोर कह रहे हैं कि हर लड़की को 1000 रुपए देंगे। दिल्ली में किस लड़की को 1000 रुपए दिए, जब वहां नहीं दे पाए तो पंजाब में क्या देंगे। केजरीवाल तीन चुनाव लड़ चुके हैं, कभी किसी महिला को इन्होंने विधायक बनाया क्या? केजरीवाल पूरी तरह से कन्फ्यूज आदमी हैं। उसकी बातों पर यकीन ही नहीं करना चाहिए।
सवाल- BJP और आपका कॉमन मिनिमम प्रोग्राम क्या है?
जवाब- BJP, ढींढसा साहब की पार्टी और हमने अपने मेनिफेस्टो तैयार किए हैं। अब तीनों पार्टी मिलकर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय करेंगें, अब तक तय नहीं हुआ है।
सवाल- आपको मुख्यमंत्री पद से हटाया जाना और कांग्रेस पार्टी छोड़ना, इसकी बैकस्टोरी क्या रही है? इसमें सिद्धू की क्या भूमिका रही है?
जवाब- ये कांग्रेस हाईकमान ही बता सकती है कि मुझे CM पद से क्यों हटाया गया। मैंने सिद्धू को अपनी कैबिनेट से निकाला था, इसलिए जाहिर तौर पर उन्होंने मेरे खिलाफ लामबंदी की। सिद्धू अहम नहीं है, सिद्धू जैसे बहुत नेता कांग्रेस में आए और गए, लेकिन कांग्रेस लीडरशिप लोगों को बताए कि मुझे क्यों निकाला गया।
सवाल- कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने आपसे क्या कहा?
जवाब- सोनिया गांधी को मैं तब से जानता हूं जब उनकी शादी हुई थी। राजीव गांधी के साथ मैं खुद स्कूल में पढ़ा हूं। राहुल और प्रियंका को उनके जन्म से जानता हूं। राहुल और प्रियंका को जनता को बताना चाहिए कि मेरे साथ क्या हुआ था।
सवाल- चुनाव में सिर्फ 20 दिन बचे हैं, BJP के किसी बड़े नेता ने दौरा या रैली नहीं की, यूपी और दूसरे राज्यों में नेता जा रहे हैं?
जवाब- चुनावी माहौल अभी शुरू हुआ है, वोटिंग 20 दिन बाद होनी है। आने वाले दिनों में PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पंजाब का दौरा करेंगे। हमारी तुलना आम आदमी पार्टी, अकाली दल और कांग्रेस से की जा रही है, लेकिन वे एक महीने से अपना प्रचार कर रहे हैं, तब तो हमारी पार्टी भी नहीं बनी थी। हम आने वाले दिनों में चुनावी माहौल तेजी से बदलेगा।
सवाल- चुनावी रैली में आप, सिद्धू और पाकिस्तान दो शब्दों का सबसे ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं, ऐसा क्यों?
जवाब- अब सारी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान के PM इमरान खान और नवजोत सिंह सिद्धू दोनों एक दूसरे के करीबी हैं। दोनों एक दूसरे के दोस्त हैं। हमें इसमें कोई दिक्कत नहीं है, वे साथ में क्रिकेट खेलें और दूसरी चीजें करें। अगर सिद्धू पाकिस्तान के कहने पर काम करेगा तो ये गलत है। पाकिस्तान रोज हमारे जवानों को शहीद कर रहा है।
अगर सिद्धू में इतनी ही हिम्मत है तो इमरान खान को जाकर कहे कि गोलीबारी बंद करो और हमारे जवानों को मारना बंद करे। अगर सिद्धू ऐसा करेंगे तो हम सब उसकी तारीफ करेंगे, लेकिन सिद्धू ऐसा कभी नहीं करेगा। सिद्धू कहता है कि इमरान खान यारों का यार है और यही यारों का यार रोज हमारे हिंदुस्तान को ठोक रहा है।
सवाल- किसान आंदोलन के दौरान पंजाब से BJP के खिलाफ गुस्सा था, आप उसी के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। क्या किसान आपको वोट देंगे?
जवाब- किसानी से जुड़े तीन कानून सरकार लेकर आई थी, जिनका मैं भी विरोध किया करता था। हम किसानों का समर्थन करते रहे। हरियाणा सरकार किसानों को दिल्ली जाने से रोकती रही, लेकिन मेरी सरकार ने कहा कि प्रदर्शन करना किसानों का संवैधानिक अधिकार है। अब कृषि कानून रद्द कर दिए गए हैं, ये चैप्टर क्लोज हो गया है। आपने दुनिया में किसी प्रधानमंत्री को ये कहते हुए सुना है कि ‘मुझसे गलती हो गई, मैं माफी मांगना चाहता हूं।’ कानून हटा लिए गए हैं। किसानों का मुद्दा खत्म हो गया है।
सवाल- आपके बाद CM बने चरणजीत सिंह चन्नी कहते हैं कि जो काम कैप्टन साढ़े 4 साल में नहीं कर पाए, हमने 3 महीने में कर दिए। आपको वे कैसे लगते हैं?
जवाब- चन्नी अगर ऐसी बातें करता है, इसका मतलब है कि उसे अक्ल ही नहीं है। तीन महीने में तो एक घर तक तैयार नहीं किया जा सकता है, काम क्या होगा। हमने अपने मेनिफेस्टो को 92% जमीन पर उतारा है। इतिहास में इसके पहले सिर्फ एक बार चंद्रबाबू नायडू ने अपने मेनिफेस्टो के 83% वादे पूरे किए थे। चन्नी की संपत्ति करोड़ों में है और दूसरी तरफ वो खुद को आम आदमी दिखाता है। चन्नी चंडीगढ़, चमकौर साहिब, मोहाली में प्रॉपर्टी का काम करता है और उसने अच्छी खासी संपत्ति बना ली है।
सवाल- ओपिनियन पोल में आप, कांग्रेस और अकाली दल आगे चल रहे हैं? इन तीन पार्टियों में से आपका सबसे बड़ा दुश्मन कौन है?
जवाब- तीनों ही हमारी दुश्मन हैं। हमने BJP के साथ गठबंधन बनाया है। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सरकार बनाएंगे। मैं बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं और आप मुझसे बाद में पूछना भी ‘पंजाब में हम ही अगली सरकार बनाएंगे।’
रैपिड फायर-
आम आदमी पार्टी और अकाली दल में कौन बेहतर पार्टी है?
दोनों ही रद्दी पार्टियां हैं।
सिद्धू और चन्नी दोनों में काबिल नेता कौन है?
दोनों ही बकवास हैं। चन्नी थोड़ा ठीक है, लेकिन सिद्धू तो बिल्कुल काम नहीं करता।
क्या राहुल गांधी पॉलिटिक्स में फिट हैं?
मुझे लगता है राहुल गांधी का भी वक्त आएगा।
BJP में सबसे पसंदीदा नेता कौन है?
PM मोदी। वो बहुत अच्छे आदमी हैं, मैं उन्हें बहुत मानता हूं।













