जालंधर (ब्यूरो): पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के अपने वादे के तहत मोहल्ला क्लीनिक प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। पंजाब के 23 जिलों में 15 अगस्त को शुरू होने वाले इन मोहल्ला क्लीनिक्स में मेडिकल अफसर सेवाएं देनी शुरू करेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की भर्ती के लिए खाका भी तैयार कर लिया है। इन मोहल्ला क्लीनिकों में शुरुआत में खांसी, बुखार समेत 100 प्रकार की जरूरी दवाएं मिलेंगी, जबकि कैंसर, हार्ट और अन्य गंभीर रोगों की अभी कोई दवा नहीं मिलेगी।
सैंपलिंग रूम तैयार, लेकिन अभी टेस्टिंग लैब तैयार नहीं मोहल्ला क्नीलिक्स का काम पीडल्ब्यूडी को सौंपा गया है। अभी इनके नक्शे में रिसेप्शन, वेटिंग रूम, डॉक्टर रूम, सैंपल रूम और दवा देने के लिए फार्मेसी के लिए निर्माण चल रहा है, लेकिन अभी विभाग ने तय नहीं किया कि मोहल्ला क्लीनिक में मरीजों के ब्लड की सैंपलिंग होगी या नहीं, क्योंकि इसके लिए अभी किसी भी प्रकार का कोई करार प्राइवेट और सरकार लैब के साथ नहीं किया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मरीजों को ब्लड टेस्टिंग की सुविधा जरूर मिलेगी, जिसमें सीबीसी, एलएफटी, शुगर और यूरीन टेस्ट शामिल होंगे।
एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा नहीं मोहल्ला क्लीनिक को चलाने की पूरी तरह से जिम्मेदारी मेडिकल अफसर की होगी। सेंटर में सोनोग्राफी यानी अल्ट्रासाउंड, एक्सरे की सुविधा नहीं होगी। मरीज की सर्जरी भी नहीं होगी। साधारण चोट लगने पर पट्टी की सुविधा जरूर मिलेगी, जो डॉक्टर और फार्मासिस्ट देंगे।
50 रुपए प्रति मरीज के हिसाब से होगी अदायगी सेहत विभाग मोहल्ला क्लीनिक में रोजाना एक सेंटर 100 से अधिक मरीजों की ओपीडी मान कर चल रहा है, जिसके चलते इन सेंटरों में तैनात होने वाले डॉक्टर को प्रति एक मरीज 50 रुपए दिए जाएंगे। हालांकि इसके अलावा डॉक्टरों को रोजाना 50 मरीजों के 50 रुपए के ही मुताबिक 2500 रुपए देने पर भी विचार किया जा रहा है, पंजाब में शुरुआत में 260 के करीब डॉक्टरों को जॉइन करवाया जा रहा है।
फेज-2 में जो पीएचसी सेंटर नहीं चल पा रहे, उनमें शुरू होंगे मोहल्ला क्लीनिक हर जिले में तीन से चार मोहल्ला क्लीनिक उन जगहों पर शुरू हो रहे है, जहां टाइप-2 सेवा केंद्र बंद पड़े हैं। हरेक क्लीनिक को रेनोवेट करने पर करीब 10 लाख रुपए खर्च आ रहा है। वहीं फेज-2 में पंजाब के अलग-अलग जिलों में बंद पड़ी पीएचसी को चुना गया है, जहां अलग से नक्शा बनने के बाद वहां निर्माण शुरू होगा।













